Book Details

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Title

Elathi -Hindi Translation

Translator

Dr. P. K. Balasubrahmanyan

Publisher

Chennai: Central Institute of Classical Tamil

Publish Year

2024

Language

Hindi

Book ISBN

978-81-975737-5-0

Number of Pages

86

Book Price

Rs.200.00

About the Book:-

एलादि, एक नीति-ग्रंथ है। इसको एलादि नाम इसलिए दिया गया कि इलायची, सोंठ, काली मिर्च, लंबी मिर्च, लवंग, केसर आदि का औषध शारीरिक रोग दूर करने में सफल होता है। इसी तरह इसके अस्सी पद्य हैं इसके प्रत्येक पद्य में छे-छे विचार प्रस्तुत किये गये हैं, जिनके अनुसार मानव चले तो वह मन से स्वस्थ रहेगा और तन से भी। इसके रचयिता हैं, कणिमेदावियार।

इस ग्रंथ के कुछ विचार देखें:-

गृहस्थ व सन्यास: प्रस्तुत ग्रंथ में कहा गया है कि गृहस्थी में इहलोक की वस्तु और विषय के प्रति आसक्ति के साथ रहना है और उसी समय धर्म के साथ जीवन बिताना है और सन्यासाश्रम में इहलोक की वस्तु और विषय के प्रतिअनासक्त रहना है।तपयोग से रहने पर हर कोई मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। (73)

राजा के समान जीने की भाग्य-प्राप्ति: जो घर-भार के बिना रहता है,जो दृष्टिहीन है, जो अपनी जमा-पूँजी खो बैठता है और जो अपने गो-वृंद से वंचित है उनको खिला-पिलाता है वह राजा के समान बंधु- बांधवों एवं प्रजा के साथ ओमोद-प्रमोद के साथ सुखी जीवन बिताएगा। (52) .

एलादि औषध का सेवन करें तो वह स्वस्थ व नीरोग जीवन का आधार बनेगा। एलादि ग्रंथ का हृदयंगं करके उसके विचारों का अमल करें तो हम स्वस्थ मन से आदर्श जीवन बिता सकेंगे और इह-पर सुख पा सकेंगे।

आइए। एलादि का अध्ययन करें,उसकी सुगंध लें और सुविचारों का लाभ उठाएँ।