Book Details

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Title

Aintinai Aimpatu -Hindi Translation

Translator

Dr. P. K. Balasubrahmanyan

Publisher

Chennai: Central Institute of Classical Tamil

Publish Year

2024

Language

Hindi

Book ISBN

978-81-975737-7-4

Number of Pages

78

Book Price

Rs.150.00

About the Book:-

ऐन्तिणै ऐम्बदु(पंचक्षेत्र पचास)

तिणै ग्रंथों में ऐन्तिणै ऐम्बदु भी तमिल के पाँच क्षेत्रों पर रचित है। नाम से स्पष्ट है कि यह प्रत्येक प्रदेश के दस-दस के दर से कुल पचास चौपाइयों का संग्रह है। इसका वर्ण्य विषय अगम् या अंतरंग जीवन से संबंधित है। नायक, नायिका, सखी, भाट आदि के संवाद के रूप में यह ग्रंथ रचित है।

इसके रचयिता है मारत् पौरैयत्तार्। मारत् पांडय राजा को सूचित करता है और पौरैयत्तार् चेर राजा को। इससे विदित है कि यह रचयिता दोनो राजवंशों से संबंधित है। इनको कुछ लोग मारत्त पिता के सुपुत्र भी मानते हैं। पौरैयतार् को मुंशी भी कहा जाता है। इस ग्रंथ के पद्म समृद्ध शैली के हैं। उनके द्वारा तत्कालीन सामाजिक जीवन का परिचय मिलता है। इसके प्रथम पद्म में विशेष रूप से कहा गया है कि प्रस्तुत ग्रंथ का जो अध्ययन नहीं करते वे समृद्ध तमि की विशेषताओं से अनभिज्ञ रहेंगे।

मूलतः प्रस्तुत ग्रंथ का नायक गृहस्थी के निर्वाह के लिए आवश्यक धन-संग्रह करने के लिए निकलेगा पर निश्चित समय पर याने वर्षा ऋतु आने के पहले लौटने का वादा करेगा। पर उसका पालन नहीं कर पाएगा। उसपर नायिका बिरह से छटपटाएगी। उसको सखी समझा-बुझाकर शांत करेगी।