Book Details

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Title

Tirikadukam -Hindi Translation

Translator

Dr. P. K. Balasubrahmanyan

Publisher

Chennai: Central Institute of Classical Tamil

Publish Year

2024

Language

Hindi

Book ISBN

978-81-975737-4-3

Number of Pages

96

Book Price

Rs.200.00

About the Book:-

तिरिकडुगम् (त्रयौषध)

तिरिकड्डुगम् पहले वर्ग का नीतिग्रंथ है। सोंठ, काली मिर्च और लंबी मिर्चबूटियों कूटकर और चूर्ण बनाकर गोलियों बनायी जायें तो ये तीन जड़ी उसे त्रिकटुकं कहते हैं। उसका सेवन करने पर कई रोग चंगे हो जाते हैं। प्रस्तुत ग्रंथ के प्रत्येक पद्म में तीन नेक तत्व कहे गये हैं जिनका अमल करने पर मानव स्वस्थ मन व स्वस्थ शरीर के साथ जीवन बिता सकेगा। इसके आधार पर प्रस्तुत का नाम तिरिकडुगम् पडा है।

इस ग्रंथ के रचयिता हैं नल्लादत्ता। उन्होंने प्रथम पद्य द्वीर बंदना में महाविष्णु की स्तुति की है। अतः उन्हें वैष्णव व विष्णु भक्त कहा गया है।

अरुन्ततिक कल्पितार् तोळुम् तिरुन्तिय तोल्कुटियित् माण्टार् तोटर्शियुम् - चोल्लित् तिरिकटुकम् पोलु मरुन्तु। अरिअकलुङ् फेळिबयार् नट्युम्म् मूत्तुम्

गले मिलो तो पतिव्रता अरुंधती सम नारियों से करनी है मित्रता सत्कुल-जन्मे महिमावान से करो सदा सत्यमनिष्ठ ज्ञानियों से मैत्री ये तीनों हैं त्रिकटुकं औषध सम सुखदायी। (1)